सरकार
2026-02-18 13:45:23
महाराष्ट्र सरकार के अधिनस्थ सभी प्रशासकीय विभागों में कार्यरत लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न प्रलंबित मांगों को मनवाने के लिए असहयोग आंदोलन शुरू किया है। मंगलवार, 17 फरवरी को इस संदर्भ में स्थनीय तहसीलार को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की शुरूआती की गयी। आंदोलन में पहले असहयोग आंदोलन शुरू करने के बाद कामबंद आंदोलन और उसके बाद बेमियादी कामबंद आंदोलन शुरू किया जाएगा।
जय महाराष्ट्र सरकारी-अर्धसरकारी अधिकारी व कर्मचारी संगठन के नेतृत्व में सौंपे गये ज्ञापन के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार के सभी प्रशासकीय कार्यालयों के आधारस्तंभ के रूप में लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को पहचाना जाता है। इस संवर्ग के कर्मचारियों की चौथे वेतन आयोग से लागू की गयी वेतनश्रेणी के अंतर की रकम तत्काल अदा करना, सुधारित वेतनश्रेणी लागू करना, सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देना, 1 नवंबर 2005 के पूर्व अनुकंपा की सूची में शामिल सभी उम्मीदवारों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देना समेत अन्य मांगों को लेकर यह आंदोलन शुरू किया गया है। आंदोलन के पहले चरण में लिपिक संवर्ग के कर्मचारी किसी भी अधिकारी को सहयोग नहीं करेंगे। आंदोलन में नितीन चंद्रगिरीवार, नरहरि बोरकुटे, सुषमा देशमुख, भाग्योदय बारसागडे, अर्चना गिरडकर, परमानंद राऊत, विशांत कुंभरे, महेंद्र हुलके, अविनाश सिडाम, माया बालराजे, लतिका कुमरे, आशा मेश्राम, नेताजी पुसाम, राजेंद्र जुवारे, प्रभाकर बावनकर, मिनाक्षी नैताम समेत अन्य कर्मचारियों ने हिस्सा लिया है।
